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हरियाणा हाईकोर्ट का आया बड़ा फैसला, जेबीटी टीचर की भर्ती को अवैध करार बर्खास्त करने के जारी करे आदेश
 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में 2017 में नियुक्त 1259 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति को अवैध करार दिया है। इस मामले में याची पक्ष के वकील विक्रम ने बताया कि हाईकोर्ट ने 3 महीने के भीतर इन शिक्षकों को नोटिस देकर बर्खास्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि कट ऑफ डेट के दिन योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति वरिष्ठता क्रम का लाभ दिया जाना है। कट ऑफ डेट के बाद योग्य उम्मीदवारों का चयन करना सरकार का गलत फैसला था। विक्रम ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 2012 में 8760 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था इस भर्ती के लिए कट ऑफ डेट 11 दिसंबर 2012 की थी इस भर्ती में केवल वही उम्मीदवार योग्य थे जिन्होंने अध्यापक राज्य पात्रता परीक्षा पास की थी। हरियाणा सरकार ने 2012 में अध्यापक राज्य पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं की इस कारण कट ऑफ डेट तक इस भर्ती में केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सके जिन्होंने 2011 में परीक्षा पास की थी। इस बीच हरियाणा सरकार ने अप्रैल 2013 में अध्यापक राज्य पात्रता परीक्षा आयोजित कर दी थी।
हरियाणा सरकार का कहना है कि प्रशासनिक कारणों से 2012 में अध्यापक राज्य परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी इसलिए अब अप्रैल 2013 में जो परीक्षा हो रही है। वह अध्यापक राज्य पात्रता परीक्षा 2012 की है। इस बीच हाईकोर्ट ने काफी संख्या में याचिका दायर की गई कि सरकार 2012 में अध्यापक राज्य पात्रता परीक्षा नहीं ली और अब सरकार परीक्षा ले रही है। इसके लिए उनको इसी भर्ती में भाग लेने की इजाजत दी जाए। हाईकोर्ट ने ऐसे उम्मीदवारों को प्रोविजनल तौर पर परीक्षा में भाग लेने की इजाजत दे दी है। इस बीच अध्यापक राज्य परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है और काफी संख्या में प्रोविजनल तौर पर भाग लेने वाले उम्मीदवारों ने परीक्षा पास कर ली है।
इस परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद शिक्षक भर्ती बोर्ड के पास दो तरह के उम्मीदवारों की सूची हो गए एक तो वह जो कट ऑफ डेट 11 दिसंबर 2012 के दिन पद के लिए योग्य थे, दूसरे वह जिन्होंने कट ऑफ डेट 11 दिसंबर 2012 के बाद अध्यापक राज्य पात्रता परीक्षा 2013 में पास की है। शिक्षक भर्ती बोर्ड ने जेबीटी भर्ती का परीक्षा परिणाम घोषित कर केवल कट ऑफ 11 दिसंबर 2012 के दिन योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति देने का फैसला लिया और उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए इस बीच 2013 में परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों ने कोर्ट में केस दायर कर कहा कि अंक कट ऑफ डेट 11 दिसंबर 2012 के योग्य उम्मीदवारों से ज्यादा है। इसलिए एक संयुक्त योग्यता सूची बनाकर उन्हें नियुक्ति दी जाए।
संयुक्त योग्यता सूची से प्रभावित उम्मीदवार जो कट ऑफ डेट के दिन योग्य थे। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कट ऑफ डेट के बाद आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति देना कानूनी गलत है इसलिए इनकी नियुक्ति रद्द कर उनको नियुक्ति दी जाएगी। इन याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के जस्टिस जी एस संधावालिया पर आधारित बेंच ने कहा कि कट आफ डेट के बाद के उम्मीदवारों को मौका देना सरकार का गलत निर्णय था। कोर्ट ने सरकार के उस आदेश को गलत करार दिया जिसके तहत कट आफ डेट के दिन योग्य चयनित टीचर्स को हटाकर दूसरी सूची के उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी गई थी।