Yuva Haryana
हरियाणा में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र से लिंक किया जाएगा
 

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जारी आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों  को परिवार पहचान पत्र से लिंक करने के कार्य को तीव्रता से आगे बढ़ाया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना सहित सभी सरकारी योजनाओं के लिए 1.80 लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा तय की गई है। इसी प्रकार, 1.80 लाख रुपये से ऊपर की आय की श्रेणी सीमा को भी निर्धारित की जाए।

मुख्यमंत्री आज आयुष्मान भारत  योजना के  लाभार्थियों  को परिवार पहचान पत्र तथा मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना से लिंक करने के संबंध में बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2011 की जनगणना के सामाजिक, आर्थिक आंकड़ों के आधार पर लाभार्थियों की संख्या 15.50 लाख परिवार है। हरियाणा सरकार के पास नागरिक संसाधन सूचना विभाग द्वारा पीपीपी में पंजीकृत 25.85 लाख  परिवारों का सत्यापित डाटा उपलब्ध है।  

आयुष्मान भारत योजना के तहत केंद्र सरकार व राज्य सरकार का 60:40 अनुपात का खर्च वहन की भागीदारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्मान कार्ड पर राज्य सरकार को अपना लोगो लगाने की अनुमति प्रदान की है। इस बात की जानकारी दी गई कि आयुष्मान अस्पताल ने 519 प्राइवेट व 174 नागरिक अस्पतालों को शामिल किया है।

इसी प्रकार 28,78,429 कार्ड जारी किये जा चुके हैं तथा 9,33,489 आयुष्मान परिवारों की पहचान की गई है और लगभग 539 करोड़ रुपये की राशि का क्लेम अब तक दिया जा चुका है। आयुष्मान योजना के प्रीमियम के रूप में 186 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए गए हैं।  

हरियाणा सरकार द्वारा आयुष्मान योजना में आंगनवाड़ी वर्कर्स, आशा वर्कर्स, विमुक्त घुमन्तु जाति, मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना में शामिल लाभार्थियों, भवन निर्माण श्रमिक बोर्ड के तहत पंजीकृत श्रमिकों,  चौकीदार, लंबरदार, आजाद हिन्द फ़ौज के सैनिकों के आश्रितों,  द्वितीय  विश्वयुद्ध सैनिकों के आश्रितों, इमरजेंसी के दौरान जेल में बंद रहे परिवारों को, हिंदी आंदोलन, मान्यता प्राप्त मीडिया कर्मियों को शामिल करना प्रस्तावित है। इसके अलावा, दिव्यांगों को भी 3 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा आयुष्मान भारत योजना के तहत दी जाएगी।