Yuva Haryana
बीडीपीओ के बाद अब 73 ग्राम सचिव पंचायत विभाग की रडार पर
 

सिरसा में सोलर लाइट में करोड़ों का गबन करने के बाद 4 बीडीपीओ और एक जेई को सस्पेंड कर दिया था. अब प्रदेश के 73 ग्राम सचिवों पर भी गाज गिर सकती है. दरअसल इन सचिवों ने सीमेंट के बेंच खरीदने में सरकार को चूना लगाया है. एक बेंच 2700 रुपए से 13500 रुपए तक की राशि में खरीदे गए. 

बता दें कि वर्ष 2013 से 2015 के बीच हिसार, सिरसा और फतेहाबाद के 12 खंडों की 134 पंचायत ने बेंच खरीदने में गड़बड़ी की. इनमें से 73 ग्राम सचिवों को दोषी माना गया था. इनमें अकेला फतेहाबाद के 43 ग्राम सचिव हैं. आरोप है कि बीडीपीओ और सरपंच के साथ मिलकर सामान्य से अधिक दामों में बेंच करीदे गए. बाद में शिकायत पर इसकी जांच पंचायती राज विभाग के तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर रोशन लाल द्वारा कराई गई.

हुआ यूं कि डिप्टी डायरेक्टर ने 3500 रुपए से अधिक में बेंच खरीदने वाले ग्राम सचिवों को दोषी माना. चार्जशीट दाखिल हुई. हालांकि आगे कार्रवाई नहीं हो पाई. सरकार ने पंचायतों द्वारा सीमेंट बेंच खरीदने पर रोक लगा दी थी. इसी तरह भ्रष्टाचार के मामले में करनाल के डीटीपी और तहसीलदार व कुरुक्षेत्र के इस्माईलाबाद उप तहसील के नायब तहसीलदार शाहाबाद पौरुष पहल और उसका रीडर शायमलाल संलिप्त पाए गए हैं. दोनों पर शादी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 20 हजार की रिश्वत लेने का आरोप लगा है.