Yuva Haryana
42 गांव को किया जाएगा जगमग, 33 करोड़ की आएगी लागत
 
जगमग योजना एक ऐसी योजना है। जिसमें सभी गांव के घरों में तारों की जगह केवल तार लगाए जाते हैं और सभी के अंदर मीटर के बजाय मीटरिंग कवर बॉक्स लगाया जाता है ताकि बिजली के साथ कोई भी व्यक्ति छेड़छाड़ ना कर सके। इससे लाइन लास काफी कम होता है और चोरी की संभावना भी कम रहती। 27 फीडरों के अंतर्गत आने वाले 42 गांव में जगमग योजना को शामिल किया जाएगा। यह योजना हिसार सर्कल में बिजली निगम की ओर से की जाएगी। 
इस योजना के अंतर्गत 42 गांव में जल्द ही काम शुरू होगा वही कुछ गांव में काम शुरू कर दिया गया है। इस योजना के बाद गांव में करीब 21 घंटे बिजली शामिल रहेगी। करीब 35 करोड का खर्चा इस योजना के तहत आएगा। निगम ने इस योजना के अंतर्गत एस्टीमेट बना लिया है, इतना ही नहीं बदले हम को इसके लिए अनुमति भी मिल चुकी है।
इस बारे में निगम अधिकारियों की बिजली निगम के एमडी व चीफ के साथ वीसी से बैठक हुई थी। उसी में जगमग योजना पर काम शुरू करने को आदेश दिए थे। अब बिजली निगम ने ऐसे गांवों को चिन्हित किया है, जिनमें लाइनलास 25 प्रतिशत से कम है। इन गांवों में जल्द ही योजना पर काम शुरू किया जाएगा। इससे लाइनलास भी कम होगा। इसकी लागत पर काम पूरा करने के लिए निगम ने योजना बना ली है। बिजली निगम का उद्देश्य है कि सभी को 24 घंटे बिजली मिले। इसके लिए गांव भी सहयोग करे।  
यह एक ऐसी योजना है जिसके तहत सभी गांव में सामान्य तारों की जगह केवल तार लगाई जाती है वही जितने भी मीटर हैं।उनकी बजाएं मीटरिंग कवर बॉक्स लगाए जाते हैं, ताकि कोई घपला या चोरी ना हो सके और बिजली से कोई भी व्यक्ति छेड़छाड़ ना कर सके। काम पूरा होने के बाद एसडीओ की टीम रिपोर्ट बनाती है। इसमें जांचा जाता है कि गांव के सभी उपभोक्ता समय पर बिजली बिल भरते है या नहीं। गांव में बिजली की सप्लाई कितनी होती है और खपत कितनी है। चोरी कितनी होती है। उसके मुकाबले आय कितनी आ रही है।
यह काम पूरा होने के बाद एसडीओ की टीम रिपोर्ट बनाती है। इसमें जांचा जाता है कि गांव के सभी उपभोक्ता समय पर बिजली बिल भरते है या नहीं। गांव में बिजली की सप्लाई कितनी होती है और खपत कितनी है। चोरी कितनी होती है। उसके मुकाबले आय कितनी आ रही है।