पीजीआई चंडीगढ़ में आत्महत्या, युवा कर्मचारी ने जान दी, 15 दिनों में तीसरी घटना

Sahab Ram
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Yuva Haryana : पंजाब संस्थान (पीजीआई) चंडीगढ़ में युवा कर्मचारी की आत्महत्या खबर ने संस्थान में हड़कंप मचा दिया है।यह पिछले 15 दिनों में तीसरा आत्महत्या का मामला सामने आया है,जिसकी वजह से संस्थान में कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन सुसाइड केसेस की बढ़ती संख्या से प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

विवेक, पीजीआई के स्टोर कीपर, ने अपनी जान दे दी। उनकी इच्छामृत्यु का मामला बीते पंद्रह दिनों में तीसरा है। विवेक का कहना है कि वे एनेस्थीसिया विभाग में ड्यूटी करते थे। पहले उन्होंने पीजीआई में क्लर्क की नौकरी की थी, और उनकी ज़्यूइनिंग एक महीना पहले ही हुई थी।

यह पहली बार नहीं है जब पीजीआई में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने आत्महत्या का काम किया है। पिछले सोमवार को भी एक 50 वर्षीय रेडियोग्राफर ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या की थी। इसके अलावा, पहले नर्सिंग स्टाफ और एक अन्य कर्मचारी ने भी आत्महत्या की थी।

पीजीआई में सुसाइड केसेस की बढ़ती संख्या से प्रशासन के लिए चुनौती है। कर्मचारियों ने अपने काम के दबाव और प्रताड़ना के कारण आत्महत्या का कदम उठाया है। परंतु अब तक पीजीआई के प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित कर्मचारियों और उनके परिवारों से संपर्क किया जा रहा है। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए नई कदम उठाने की जरूरत है।

पीजीआई में सुसाइड केसेस की चिंता बढ़ रही है और संबंधित अधिकारियों को इसे गंभीरता से लेना होगा। यहां के कर्मचारियों की सुरक्षा और उनकी मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए संशोधित नीतियों की आवश्यकता है।

पीजीआई में सोमवार को नरिंदर कौर के ऑन ड्यूटी सुसाइड किया था। इस मामले में सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ है। नरिंदर कौर परिवार ने न्यूज़ 18 के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत की। नरेंद्र कौर के पति गुरिंदर सिंह ने बताया कि पिछले 10 15 दिन से ही यह पूरा एपिसोड शुरू हुआ।

इसमें उनके स्टाफ की ही दिव्या नाम की महिला और उसके पति ने इतना ज्यादा तंग कर दिया था कि मेरी पत्नी ने इसके बारे में मुझे बताया था कि मुझे बहुत परेशान किया जा रहा है. हर चीज में तंग किया जा रहा है। मैं नौकरी छोड़ना चाहती हूं।पहले नरेंद्र कौर का सुसाइड नोट नहीं मिला था, लेकिन आज ही हमें नरेंद्र कौर का सुसाइड नोट उसके कमरे में मिला है।

 

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