हरियाणा में बीपीएल राशन कार्ड धारकों के लिए कड़ी कारवाही, छोटी सी गलती से गवां सकते है राशन की सुविधा

Sahab Ram
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Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने बीपीएल (बिलों पॉवर लाइन) राशन कार्ड धारकों की जांच में अपातकालीन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस समस्या का सीधा समाधान करने के लिए परिवार पहचान पत्र की आधारित बीपीएल कार्ड जारी करने का आलोचना की है। परिवार पहचान पत्र में दी गई वार्षिक आय के आधार पर ही परिवारों को बीपीएल के लिए पात्र तथा अपात्र माना जाता है।

पूरे राज्य में बीपीएल राशन कार्ड कार्यक्रम की सफलता के लिए, सरकार ने पूर्वोत्तर और पश्चिमोत्तर हरियाणा तक कई जांच अभियानों का आयोजन किया है। इन जांचों के दौरान बीपीएल राशन कार्ड धारकों में हुए अनियमितताओं का पता लगाया गया है।
पिछले कुछ समय से हरियाणा सरकार ने ड्रोन का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्र का सर्वेक्षण किया है और संपत्ति की जानकारी हासिल की है। इसी के आधार पर अब संपत्ति का आकलन ऑनलाइन किया जा रहा है। सरकार ने नए निर्देशों के तहत शहरों में 100 गज़ तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 200 गज के घरों पर छूट दी थी, परंतु अब यह छूट नहीं है।

सरकार ने मुख्यालय पोर्टल में बदलाव कर रही है और विद्यार्थियों को उनकी फैमिली आईडी के आधार पर बस पास भी मिलेगा। डीएफएफसी अशोक शर्मा ने बताया कि मुख्यालय पोर्टल में बदलाव कर रहा है।नई प्रणाली में परिवार पहचान पत्र तथा फैमिली आईडी प्रदेश भर में जारी किया जाता है और वाहनों का प्रदूषण पत्र भी जारी किया जाता है। उनका कहना है कि नई वाहनों के पंजीकरण के समय भी परिवार आईडी आवश्यक है।

जिन लोगों ने अपने नाम मकान तथा प्लॉट की रजिस्ट्री कराई है, उनके बीपीएल कार्ड काट दिए जाएंगे. इसके लिए सरकार ने शहरों में 100 गज़ तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 200 गज के घरों पर छूट दी थी, परंतु अब यह छूट नहीं है। सरकार ने ड्रोन (Dron) का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्र का सर्वेक्षण किया तथा संपत्ति की जानकारी हासिल की है. इसी आधार पर अब संपत्ति का आकलन ऑनलाइन किया जाता है।

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