हरियाणा में बदलाव की आंधी, सीएम बदलने के बाद ब्यूरोक्रेसी में बड़े स्तर पर हुए अधिकारियों के तबादले

Sahab Ram
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Yuva haryana: हरियाणा में मुख्यमंत्री बदलने के बाद से प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है। इस क्रम में अब तक कई अहम पदों पर बैठे अधिकारियों को हटाया गया है या फिर उन्होंने खुद ही इस्तीफा दे दिया है।

 

मुख्य सचिव बदलने के बाद ब्यूरोक्रेसी में हलचल

 

सबसे बड़ा बदलाव प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में हुआ है। सीनियर आईएएस संजीव कौशल रिटायरमेंट तक छुट्‌टी पर चले गए हैं। गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद को सूबे का मुख्य सचिव लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि संजीव कौशल की मुख्यमंत्री ऑफिस के एक रिटायर्ड आईएएस से लंबे समय से अनबन चल रही थी। उनके छुट्‌टी पर जाने के बाद हरियाणा की टॉप ब्यूरोक्रेसी में डिस्कॉम के एमडी का इस्तीफा

 

हरियाणा में डिस्कॉम के एमडी रिटायर्ड आईएएस पीके दास ने भी इस्तीफा दे दिया है। पीके दास की संजीव कौशल से गहरी मित्रता है। उनके इस्तीफे को संजीव कौशल को हटाए जाने से जोड़ा जा रहा है। वैसे पीके दास भी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के भी काफी करीबी माने जाते हैं। कई मसलों पर पूर्व सीएम उनसे सलाह भी लेते रहे हैं।

 

3 मीडिया कोऑर्डिनेटर रिलीव

 

हरियाणा सरकार के सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग ने शुक्रवार को 3 मीडिया समन्वयकों को कार्यमुक्त कर दिया। इनमें जगमोहन आनंद, रणदीप घनघस और राज कुमार कपूर शामिल हैं।

 

AG महाजन के इस्तीफे की चर्चा

 

सरकार में एडवोकेट जनरल (AG) बलदेव राज महाजन के भी इस्तीफे की चर्चा है। हालांकि सरकार में इस्तीफों की लगी झड़ी के बाद उन्हें कुछ दिन रूकने के लिए कहा गया है। इस पद पर उनका सबसे लंबा कार्यकाल है। महाजन इस पर 2014 से बने हुए हैं। महाजन को भी पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का करीबी बताया जाता रहा है।

 

HSSC चेयरमैन ने भी दिया इस्तीफा

 

हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के चेयरमैन पद से भोपाल सिंह खदरी भी इस्तीफा दे चुके हैं। खदरी भी पूर्व सीएम मनोहर लाल के काफी करीबी बताए जाते हैं। उनकी संघ की पृष्ठभूमि और पूर्व सीएम से करीबी रिश्तों के कारण ही उन्हें HSSC की अहम जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि अब चर्चा यह भी है कि जल्द ही उन्हें कोई नई जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

 

इन बदलावों के मायने

 

हरियाणा में हो रहे इन बदलावों को नए नायब सिंह सैनी की कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है। सैनी अपने पहले कार्यकाल में भी कई अहम बदलाव कर चुके हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी वह अपनी टीम में नए लोगों को शामिल करके प्रदेश में विकास कार्यों को गति देना चाहते हैं।यह तो अभी शुरुआत है

 

सूत्रों का कहना है कि अभी तो यह शुरुआत है और आने वाले दिनों में और भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे में बदलाव लाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर भी नकेल कसने की तैयारी में है।

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