रोहतक जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड: कोर्ट ने दोषी कोच को सुनाई फांसी की सजा

Sahab Ram
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Yuva haryana: 21 फरवरी 2021 को रोहतक के जाट कॉलेज अखाड़े में हुई हत्याकांड में कोर्ट ने दोषी कोच सुखविंदर को फांसी की सजा सुनाई है। हथियार उपलब्ध कराने वाले पूर्व फौजी मनोज को तीन साल की सजा सुनाई गई है।

 

आरोप है कि सुखविंदर महिला पहलवान पूजा तोमर को परेशान कर रहा था और शादी के लिए दबाव डाल रहा था। मुख्य कोच मनोज मलिक ने उसे अखाड़ा छोड़ने की चेतावनी दी थी। इस बात से नाराज होकर सुखविंदर ने 12 फरवरी 2021 को अखाड़े में पहुंचकर रिवाल्वर से मनोज मलिक, उनकी पत्नी साक्षी मलिक, मांडोठी निवासी कोच सतीश, मोखरा निवासी प्रदीप और महिला पहलवान पूजा तोमर को गोली मार दी। पांचों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि मुख्य कोच के 2 साल के बेटे सरताज को ऊपर ले जाकर सिर में गोली मारी। तीन दिन उपचार के दौरान सरताज की भी मौत हो गई।

 

20 फरवरी को अदालत ने सुखविंदर को आईपीसी की धारा 302, 307, 342, 201 और 25 आर्म्ज एक्ट के तहत दोषी करार दिया था, जबकि मनोज को आर्म्ज की धारा 29 का दोषी माना गया था।

 

यह फैसला पिछले 10 साल में रोहतक अदालत द्वारा सुनाई गई तीसरी फांसी की सजा है। 2014 में एक युवती और उसके प्रेमी को सात परिजनों की हत्या के केस में फांसी की सजा सुनाई गई थी। 2015 में नेपाली युवती से गैंगरेप और हत्या के छह दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। अभी तक पुराने दोनों मामलों में फांसी की सजा पर अमल नहीं हुआ है।

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