अरावली को खनन माफिया ने बनाया अपना शिकार, हरियाणा सरकार करगी इसका इलाज

Sahab Ram
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Yuva Haryana: हरियाणा सरकार ने अरावली में खनन से हुए नुकसान का आंकलन करने और प्रभावित क्षेत्रों को मरहम लगाने के लिए एक ग्राउंड-ट्रुथिंग अभ्यास शुरू किया है।

 

इस सर्वेक्षण में गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, और भिवानी जिलों को शामिल किया जाएगा, जिनमें अरावली के कुछ हिस्से शामिल हैं। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य खनन से प्रभावित क्षेत्रों का मानचित्रण करने और संभावित कमजोरियों की पहचान करना है। इसके लिए सरकार ने ड्रोन का उपयोग करने का निर्णय लिया है।

 

सरकारी टीमें भूमि स्वामित्व, वनस्पतियों और जीवों की सीमा, ठोस कचरे के डंपिंग और पारिस्थितिकी-संवेदनशील जंगलों के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी गतिविधि पर रिपोर्ट भी तैयार करेंगी। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष पी राघवेंद्र ने बताया कि हमारी टीमें उन स्थलों का दौरा कर रही हैं जिन्हें बहाली की आवश्यकता है।

 

प्रत्येक क्षेत्र में समस्या की प्रकृति के आधार पर टीमें योजनाएं बनाएगी। सरकार ने खनन से प्रभावित अरावली क्षेत्रों को बहाल करने और भविष्य के उल्लंघनों को रोकने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश के बाद इस सर्वेक्षण के लिए पर्यावरणीय मुआवजे से एकत्रित धन का उपयोग करने की योजना बनाई है।

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