हिमाचल में कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द, सियासी राह में फैली हलचल

Sahab Ram
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Yuva haryana हिमाचल प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को भूचाल आ गया जब विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी। इनमें सुधीर शर्मा (धर्मशाला), राजिंदर राणा (सुजानपुर), इंद्र दत्त लखनपाल (बड़सर), रवि ठाकुर (लाहौल स्पीति), चैतन्य शर्मा (गगरेट) और देविंदर भुट्टो (कुटलेहर) शामिल हैं।

 

 

 

स्पीकर पठानिया ने कहा कि इन विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था, जिसके कारण उन पर दलबदल विरोधी कानून (एडीसी) लागू होता है। उन्होंने कहा, “मैं अध्यक्ष नहीं, बल्कि ट्राइब्यूनल जज के नाते यह फैसला सुना रहा हूं।”सदस्यता रद्द का असर:

 

6 विधायकों की सदस्यता रद्द होने से 68 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा बदल गया है। अब सदन में 62 सदस्य बचे हैं और सरकार को बहुमत के लिए 32 विधायकों की आवश्यकता है। कांग्रेस के पास अब 34 विधायक बचे हैं, जबकि भाजपा के पास 25 और 3 निर्दलीय विधायकों का समर्थन है।

 

 

 

यह फैसला कांग्रेस के लिए राहत भरा हो सकता है, लेकिन पार्टी में गुटबाजी का संकट अभी भी बना हुआ है। विरोधी गुट के नेता विक्रमादित्य सिंह ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

 

आगे क्यबागी विधायक स्पीकर के फैसले को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू को अपनी सरकार को स्थिर रखने के लिए गुटबाजी को शांत करना होगा।

 

 

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने गुरुवार को कांग्रेस के 6 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी।

यह फैसला दलबदल विरोधी कानून के उल्लंघन के आधार पर लिया गया।सदस्यता रद्द होने से 68 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा बदल गया है।कांग्रेस में गुटबाजी का संकट अभी भी बना हुआ है।बागी विधायक स्पीकर के फैसले को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।

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