हरियाणा के रेवाड़ी में पौने चार लाख और फॉर्च्यूनर गाड़ी मांगने वाले इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर गिरफ्तार, जानें क्या है मामला ?

Sahab Ram
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हरियाणा के रेवाडी में जुआ एक्ट केस में फंसाने की धमकी देकर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए-3) के इंस्पेक्टर अनिल कुमार और सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह ने सचिन कुमार से 30 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर कार की मांग की थी।

इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने इंस्पेक्टर अनिल और सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

एंटी करप्शन ब्यूरो ने 3.75 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में सीआईए-3 में तैनात सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह इंस्पेक्टर अनिल कुमार के साथ मिलकर पीड़ित पर रिश्वत की रकम लेने का दबाव बना रहा था।

इस मामले में पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी पुलिस अधिकारी क्रिकेट पर सट्टा लगाने वाले आरोपियों पर 30 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर कार देने का दबाव बना रहे थे।

पीड़ित ने शुक्रवार को सीआईए इंस्पेक्टर अनिल कुमार को 3.75 लाख रुपये की रिश्वत देते हुए कहा था कि फिलहाल सिर्फ 4 लाख रुपये ही उपलब्ध हैं। गांव कालाका निवासी सचिन ने इसकी शिकायत एसीबी से की और एसीबी के निर्देश पर यह रकम आरोपी सीआईए-3 इंस्पेक्टर अनिल कुमार को दे दी।

शिकायतकर्ता सचिन ने आरोपी इंस्पेक्टर को एकता सोसायटी में बुलाकर यह रकम दी थी। जैसे ही इंस्पेक्टर ने 3.75 लाख रुपये लिए, इंस्पेक्टर जयपाल सिंह के नेतृत्व में एसीबी की टीम मौके पर पहुंची और उसे काबू कर लिया।

एसीबी की पूछताछ में पता चला कि इंस्पेक्टर अनिल कुमार के साथ-साथ सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह भी उन पर रिश्वत के लिए दबाव बना रहे थे।

शनिवार को एसीबी की टीम ने सब इंस्पेक्टर अजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर क्रिकेट सट्टेबाजों पर 30 लाख रुपये या फॉर्च्यूनर कार देने का दबाव बना रहे थे.

 

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