Haryana news: हरियाणा के 2 सपूतों का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, मुठभेड़ में हुए शहीद, जानें जल्दी

Sahab Ram
2 Min Read

हरियाणा के 2 बेटे असम में शहीद हो गए। नारनौल के संजय यादव नक्सलियों से मुठभेड़ में गोली लगने से शहीद हो गए, जबकि करनाल के रजनीश को दिल का दौरा पड़ा. शुक्रवार को राजकीय सम्मान के साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।

रजनीश का जन्म 1984 में पंजोखरा गांव में हुआ था। वह वर्ष 2003 में सीआरपीएफ की 67 बटालियन में भर्ती हुए थे। करीब 3 साल तक हेड कांस्टेबल के पद पर मेघालय के शिलांग में तैनात रहे। 15 दिन पहले मेडिकल कोर्स के लिए अपनी बटालियन के साथ गुवाहाटी आए थे।

बुधवार दोपहर करीब दो बजे क्लास के बाद वह मेस में खाना खाने गया। रात को खाना खाने के बाद वह आराम करने के लिए अपने कमरे में चला गया। इस दौरान कमरे में चार और सिपाही भी मौजूद थे. अचानक रजनीश के सीने में दर्द महसूस हुआ। साथी जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

रजनीश की शादी 2006 में सुदेश से हुई थी। उनके 2 बच्चे हैं। बड़ी लड़की रितिका 13 साल की है जो 8वीं क्लास में पढ़ती है और छोटा बेटा गर्व 9 साल का है जो 5वीं क्लास में पढ़ता है। रजनीश अपनी बेटी को डॉक्टर और बेटे को सेना में अफसर बनाना चाहते थे।

नारनौल के नूनी शुखपुरा गांव निवासी संजय यादव वर्ष 2006 में 68वीं बटालियन सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। इसके बाद उन्होंने कई जगह ड्यूटी दी। इन दिनों वह असम में तैनात थे।

31 जनवरी को असम में नक्सली हमले में संजय को गोली लग गई, जिससे वह शहीद हो गए. संजय अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियां छोड़ गए हैं। एक बेटी की उम्र ढाई साल और दूसरी की उम्र करीब 6 साल है.

 

Share This Article
Leave a comment