हरियाणा में गर्भवती नीलगाय को गोली मारने का मामला, आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

Sahab Ram
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Yuva Haryana: हरियाणा से फतेहाबाद के टोहाना खंड के गांव पिरथला से ठरवी रोड पर नीलगाय को गोली मारने के दो आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

गौरतलब है कि 22 मार्च की शाम को नीलगाय को गोली मारने की जानकारी मिलने पर बिश्नोई समाज के युवाओं सुनील मंत्री और पूर्व सरपंच दलबीर सिंह व अन्य जीव प्रेमियों ने अखिल भारतीय जीवन रक्षा बिश्नोई सभा के पदाधिकारी और वन्य प्राणी भाग को सूचना दी।

22 मार्च को नीलगाय को गोली मारने की जानकारी मिलने पर बिश्नोई समाज के युवाओं और जीव प्रेमियों ने वन्य प्राणी विभाग को सूचना दी। वन्य प्राणी विभाग ने मृत नीलगाय का पोस्टमार्टम करवाया और जांच शुरू की।

जांच में दो आरोपी सामने आए, जिन्हें गिरफ्तार कर कुरुक्षेत्र स्थित विशेष पर्यावरण अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

नीलगाय भारत सरकार द्वारा अनुसूची दो में शामिल है, जिसके शिकार को गंभीर अपराध माना जाता है। इस मामले में मारी गई नीलगाय गर्भवती भी थी, जो कि अपराध की गंभीरता को और बढ़ाता है।

अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा ने टोपीदार बंदूकों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है, जिनका उपयोग अक्सर वन्य जीवों के शिकार के लिए किया जाता है।

यह घटना वन्यजीवों के प्रति बढ़ते खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। हमें वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता है।
भारतीय वन्य प्राणी संरक्षण कानून 1972 में संशोधन करते हुए गत वर्ष भारत सरकार ने नीलगाय को अनुसूची तीन से हटकर अनुसूची दो में शामिल कर दिया।

अब नीलगाय का शिकार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है क्योंकि इस मामले में मारी गई नीलगाय गर्भवती भी थी। इसलिए न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

युवा जीव प्रेमियों अनिल ढाका, संदीप कुमार, राजेंद्र कुमार, संजय कुमार, कृष्ण कुमार, चंद्रमोहन, ओमप्रकाश , रोहतास, अजय कुमार, सुनील ने भी इलाके में मौजूद अन्य टोपीदार बंदूक धारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 

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