हरियाणा के चरखी दादरी के 2 गांवों की 50 वर्ष पुरानी दुश्मनी समाप्त, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का लिया बढ़ाया कदम

Sahab Ram
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Yuva Haryana: हरियाणा के चरखी दादरी जिले में स्थित सतगामा खाप के दो गांवों, इमलौटा और भागवी, ने विवाद को खत्म करने के लिए एक पहल की है।
सतगामा खाप की प्रधानी के आस-पास चल रही लगभग 50 वर्ष पुरानी विवाद को खत्म करने का संकेत मिलता है, जब खाप की पंचायत ने एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया है।

दोनों गांवों के बीच में कई बार हुए झगड़ों और थाना-तहसील में मामलों के बावजूद, इस पहल से गांव भागवी में हुई पंचायत में दोनों गांवों के प्रबुद्ध लोगों ने साथ मिलकर एक-दूसरे के साथ भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संकल्प लिया है। उन्होंने एक-दूसरे का समर्थन करते हुए समाज में बदलाव लाने का कार्य करने का वचन दिया है। जहां एक दिन पहले यह गांव आपसी दुश्मनी का केवल प्रचार करते थे, वहीं आज वहां सच्चे भाईचारे के प्रतीक बने हुए हैं।

पुराने गहरे विवाद को भूलकर, गत शुक्रवार को दोनों गांवों के पंचायत में बैठकर लोगों ने नई शुरुआत करने का निर्णय लिया। इस मुद्दे पर समझौता करने के लिए तैयार होकर, इमलौटा और भागवी के लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर विवाद को समाप्त करने का निर्णय लिया।

इस पहल में समुदाय के अनुभवी लोगों ने एकत्र होकर बातचीत की और प्रगतिशील युवा तात्कालिक समय में जुटे। इससे विवाद में आहत युवा आहत हो गए और उन्हें समझाया गया कि ऐसे विवादों से समुदाय को ही नुकसान होता है।

सतगामा खाप के दो गांवों ने 45 साल पुरानी दुश्मनी को भुलाकर खत्म करने का कदम उठाया है।
इमलौटा और भागवी गांवों के लोगों की सहमति से ही इस नई पहल को सफलता मिली।
पहले जब दोनों गांव आपसी दुश्मनी में रहते थे, तब अब उन्होंने यह साबित किया कि एकता की ऊर्जा से ही समस्याओं का हल संभव है।

करीब 45 साल पहले सतगामा खाप के प्रधानी पद को लेकर ये विवाद पनपा था. इस संबंध में कई बार पंचायतें हुई लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला. अनेक बार खाप पंचायतों ने विवाद का हल निकालने की कोशिश की, लेकिन स्थिति ज्यों कि त्यों बनी रही।

इस विवाद में आग में घी डालने का काम तब हुआ जब जब कुछ साल पहले सांतौर गांव में इक्कठा होकर कुछ गांव के लोगों ने अलग प्रधान का चुनाव कर लिया । इससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए।

अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि पूर्व में हुई घटनाओं की वजह से दोनों गांवों व सतगामा खाप के सभी लोगों को काफी नुकसान हुआ है। पिछले करीब 6 महीने से दोनों गांवों की युवा पीढ़ी सकारात्मक पहल में जुटी हुई थी, जो आखिरकार दोनों गांवों की पंचायतों व प्रमुख लोगों के प्रयास से सिरे चढ़ पाई. दोनों गांवों के लोगों की सहमति के बाद इमलोटा गांव के बस स्टैंड वाली चौपाल में प्रबुद्धजन एकत्रित हुए और सकारात्मक पहल की।

विवाद के समाप्त होने पर सभी लोग ने यह कार्य को एक नई शुरुआत की उम्मीद दी है और दोनों गांवों के लोगों ने आपसी समझ बनाए रखने का निर्णय लिया है।

दोनों गांवों के गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि पीछे जो बातें विवाद का कारण बनी थी, उनकी भविष्य में कोई चर्चा नहीं की जाएगी और दोनों गांवों के लोग एक- दूसरे के सुख- दुख के भागीदार बनेंगे।

 

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