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सरकार का किसानों के लिए उचित प्रयास, किसानों की एक लाख प्रति एकड़ होगी आय- मुख्यमंत्री 

Yuva Haryana News Chandigarh, 5 October, 2020 किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को जारी रखने के लिए किसानों को आश्वस्त करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए कृषि संबंधित अधिनियम किसानों के लिए...


सरकार का किसानों के लिए उचित प्रयास, किसानों की एक लाख प्रति एकड़ होगी आय- मुख्यमंत्री 

Yuva Haryana News
Chandigarh, 5 October, 2020

किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली को जारी रखने के लिए किसानों को आश्वस्त करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए कृषि संबंधित अधिनियम किसानों के लिए बड़े ही हितकारी हैं और निकट भविष्य में इन कृषि सुधारों का साकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को प्रति एकड़ एक लाख रुपये आय प्राप्त हो। मनोहर लाल करनाल में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (एचएसएएमबी) द्वारा आयोजित ‘‘प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं कृषि अधिनियम पर विचार-विमर्श’’ कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस वास्तव में किसानों की शुभचिंतक है, तो उसे राजस्थान और पंजाब में अपनी सरकारों से बाजरा, सूरजमुखी और मूंग को एमएसपी पर खरीदने के लिए पूछना चाहिए, जबकि हरियाणा में पहले से ही इन फसलों को खरीदा जा रहा है और इस बार हमने मक्का को भी एमएसपी पर खरीदने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि मक्का का प्रत्येक दाना राज्य सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) के साथ बैठक की और यह पहल हुई है कि 12 प्रतिशत तक नमी की मात्रा की शर्त पूरा करने के उपरांत सीसीआई हरियाणा से 100 प्रतिशत कपास की खरीद करेगा।

सरकार का किसानों के लिए उचित प्रयास, किसानों की एक लाख प्रति एकड़ होगी आय- मुख्यमंत्री 

जो इससे पहले, सीसीआई द्वारा केवल 25 प्रतिशत कपास की खरीद की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भूमि की जोत लगातार कम हो रही है और उन किसानों की सहायता के लिए योजनाएँ तैयार की जा रही हैं जिनके पास छोटे-छोटे खेत हैं और वे पूरी तरह से कृषि पर निर्भर हैं। ऐसे कृृषकों को अन्य कृषि सहायक कार्यक्रम जैसे मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन व दुग्ध उत्पादन आदि के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी आय में बढौतरी की जानी चाहिए। इसके अलावा, ऐसे किसानों को उनकी उपज के विपणन के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए अनुबंधित खेती एक सुनिश्चित आय में सहयोग करेगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आढ़तियों व किसानों के साथ परामर्श करने के बाद यह निर्णय लिया है कि जो किसान आढ़तियों के माध्यम से भुगतान प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें भुगतान आढ़तियों के माध्यम से होगा और जो किसान बैंक से अपना भुगतान प्राप्त करना चाहते हैं, उनकी राशि उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में वीटा बूथों की संख्या को भी 700 से बढ़ाकर 4,000 करने का फैसला लिया गया है। दूध के अलावा, ताजे फल और सब्जियां भी इन बूथों पर उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड भी एग्री-प्रोडक्ट्स बेचने के लिए 2000 रिटेल आउटलेट्स खोलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान को मूर्त रूप देने के लिए विभिन्न प्रमुख ब्रांडों के उत्पादों के अलावा, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थों को भी इन दुकानों पर बेचा जाएगा।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिए वर्तमान राज्य सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कदमों की भी जानकारी दी ।

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इनमें सुक्ष्म सिंचाई की परियोजनाओं के लिए 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी, पिछले 20 वर्षों से लंबित बिजली बिलों को माफ करना, भावांतर भरपाई योजना के साथ-साथ मेरी फसल-मेरा ब्योरा योजना शामिल हैं। इससे पहले, इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जे.पी. दलाल ने कांग्रेस पार्टी पर तीन नए कृषि संबंधित अधिनियमों पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस का किसानों के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान, केंद्र या राज्य में कांग्रेस सरकारों ने किसानों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया और कभी भी उनकी चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया।दलाल ने अपने दावों के समर्थन में आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में पिछली सरकार के दस साल के कार्यकाल में 8,27 करोड़ रुपये के मुआवजे की राशि किसानों को दी गई थी, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल में किसानों को फसल के नुकसान के लिए 2,764 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए हैं ।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में चीनी मिलों की औसत रिकवरी 8.98 प्रतिशत थी, जो पिछले पाँच वर्षों में बढक़र 10.02 प्रतिशत हो गई है। इसी प्रकार, राज्य में प्रति व्यक्ति दुग्ध उत्पादन भी 800 ग्राम से बढक़र 1100 ग्राम हो गया है। इससे पहले, एक पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने कृृषि अधिनियमों के लाभों पर अपने विचार सांझा किए और प्रगतिशील किसानों के सवालों व शंकाओं के उत्तर भी दिए।

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