कैंसर पेशेंट्स की जिदंगी से खिलवाड़ ,नकली इंजेक्शन के बदले असली की कीमत, हॉस्पिटल से जुड़े गिरोह के 7 लोग गिरफ्तार

Sahab Ram
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Yuva Haryana: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा गिरोह का खुलासा किया है जो कैंसर की नकली दवा बना रहा था ,और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था। इस गिरोह में दिल्ली के नामी कैंसर हॉस्पिटल के दो कर्मी भी शामिल थे। पुलिस ने इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो कैंसर हॉस्पिटल के कर्मी भी शामिल हैं। यह गिरोह भारी मात्रा में नकली कैंसर इंजेक्शन बनाकर मोटी रकम पर मरीजों को बेच रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार किया है।

प्रमुख डीसीपी अमित गोयल के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच ने एक टीम का गठन किया, जिसमें कई अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस को मालूम पड़ा कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड विफिल जैन है, जो मोती नगर के एक फ्लैट से इस गोरखधंधे को चला रहा था। उसके साथ ही पुलिस ने इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया।
स्‍पेशल सीपी शालिनी सिंह ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने ओपडाटा, कीट्रूडा, डेक्सट्रोज, फ्लुकोनाज़ोल ब्रांड के नकली कैंसर इंजेक्शन की 140 भरी हुई शीशियाँ जब्त की है. इसके अलावा, ₹50,000 नगद और $1000 USD, 3 कैप सीलिंग मशीनें, 1 हीट गन मशीन और 197 खाली शीशियां सहित पैकेजिंग का अन्‍य सामान भी बरामद किया गया है. पुलिस के अनुसार, बरामद की गई शीशियों की बाजार कीमत करीब ₹ 1.75 करोड़ है। पूछताछ के दौरान पता चला कि उन्‍हें इंजेक्‍शन की खाली शीशियां नीरज चौहान नाम का शख्‍स उपलब्‍ध कराता है.
गिरफ्तारियों के साथ साथ पुलिस ने नकली इंजेक्शन और अन्य सामग्री की बड़ी मात्रा में बरामद की है। इन आरोपियों की पूरी पृष्ठभूमि के साथ उनके कब्जे से पुलिस ने कई संदिग्ध और गंभीर तत्व भी बरामद किए हैं।
स्‍पेशल सीपी शालिनी सिंह के अनुसार, आरोपी नीरज चौहान की निशानदेही पर पुलिस ने सप्‍लाई चेन में शामिल उसके चचेरे भाई तुषार चौहान को भी गिरफ्तार किया है. इनके कब्‍जे से पुलिस ने 7 अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों के 137 भरे हुए इंजेक्शन की शीशियाँ बरामद की है, जिनकी कीमत करीब ₹2.15 करोड़ आंकी गई है. इसके अलावा, 519 खाली शीशियां, 864 शीशियों के पैकेजिंग बॉक्स, ₹89 लाख नकद, $18000 अमेरिकी डॉलर और नोट गिनते की मशीन बरामद की गई है. नीरज और तुषार से पूछताछ के दौरान गिरोह में शामिल परवेज के नाम का खुलासा हुआ।

स्‍पेशल सीपी शालिनी सिंह के अनुसार, परवेज ने पूछताछ में बताया कि कैंसर के दवाओं की खाली या आधी भरी हुई शीशियां दिल्‍ली के एक प्रतिष्ठित अस्‍पताल में काम करने वाले दो कर्मियों द्वारा उपलब्‍ध कराई जाती थीं. कोमल तिवारी और अभिनय नामक दोनों कर्मी अस्‍पताल के साइटोटॉक्सिक यूनिट में काम करते थे. इन दोनों को हर एक खाली शीशी के लिए 5,000 रुपये का भुगतान किया जाता था. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्‍जे से खाली शीशियां और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है।

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