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ऑटो में हुई थी दोस्ती, फिर बने शारीरिक संबंध, इसके बाद पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची यह दिल दहला देने वाली साजिश
 

हरियाणा के पलवल के गांव आल्हापुर में पत्नी और प्रेमी की ओर से हत्या का मामला सामने आया है। घटना करीब एक महीने पहले की है। जहां रामगोपाल नामक युवक की हत्या हुई थी। पुलिस ने बड़ा सनसनीखेज खुलासा किया है। पत्नी और उसके प्रेमी ने घटना को अंजाम दिया था।

खास बात यह है कि वारदात की योजना करीब एक साल से तैयार की जा रही थी। पत्नी ने जानकारों के आने की बात कह कर उसे प्रेमी के पास भेजा। उसके प्रेमी ने साथियों के साथ मिलकर उसे गला घोंट कर मार डाला और गाड़ी के टायरों से रौंद दिया।

प्रेमी-प्रेमिका ने जीवन आसानी से गुजरे, इसके लिए रामगोपाल का 12 लाख रुपए का बीमा भी वारदात से पहले कराया था। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर मर्डर का खुलासा कर पत्नी पिंकी, उसके प्रेमी बिजेंद्र और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया है।

नेशनल हाईवे पर आल्हापुर फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ पर आल्हापुर गांव निवासी रामगोपाल (35) का शव 4 दिसंबर को मिला था। मृतक के साले पेलक गांव निवासी ओमप्रकाश ने हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया था। शिकायत में कहा कि 2 दिसंबर को वह अपनी बहन और जीजा रामगोपाल से मिलने आल्हापुर गया था।

उसे गोपाल ने बताया की सुमेरी, महावीर, दिनेश व कुछ अन्य लोगों ने खेतों के रास्ते पर रोक कर धमकी दी थी कि वह विरोधी हरकेश वगैरा की मदद कर रहे हैं। इसे बंद नहीं किया तो तुझे जान से मार देंगे। मोबाइल कॉल डिटेल और स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने पातली खुर्द गांव निवासी बिजेंद्र सिंह बघेल को गिरफ्तार किया।

उसने पुलिस को बताया कि मृतक की पत्नी प्रीति के साथ पिछले पांच साल से नाजायज संबंध हैं। संबंधों का खुलासा होने पर रामगोपाल अपनी पत्नी प्रीति को डांटता और बिजेंद्र सिंह को घर आने से मना कर दिया। उसको रास्ते से हटाने के लिए प्रीति और बिजेंद्र सिंह ने एक साल पहले प्लानिंग शुरू कर दी थी।

तीन माह पूर्व अशोक की मौसी की लडकी की शादी में बिजेंद्र ने अपने चाचा के लडके अशोक, अशोक के मित्र रवि और बॉबी से मिलकर रामगोपाल को मारने की योजना बनाई। इसी दौरान आल्हापुर में एससी समाज और ब्राह्मण समाज का झगड़ा हो गया। झगड़े से रामगोपाल की हत्या को जोडऩे के लिए बिजेंद्र ने प्रीति से बात की। प्रीति और बिजेंद्र मोबाइल पर संपर्क में रहे।

अपने परिचित की ईको गाड़ी में बिजेंद्र, अशोक, रवि और पैंगलतू गांव निवासी बॉबी आल्हापुर फ्लाईओवर पर आ गए। पुलिस के अनुसार प्रीति ने अपने पति रामगोपाल को कहा कि उसके जानकार घर आ रहे हैं। वे फ्लाईओवर पर ईको गाड़ी में बैठे हैं।

उन्हें घर ले आओ। पत्नी के कहने पर उसका पति उन्हें लेने फ्लाईओवर पर पहुंचा तो आरोपियों ने उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया और पातली खुर्द रोड पर ले जाकर साफी से गला घोंटकर मार दिया। शव को नीचे उतार कर उस पर गाड़ी चढ़ा दी। शव को दोबारा गाड़ी में रखकर बघौला गांव की तरफ ले गए और सिर पर पत्थरों से चोट मारी।

उसके बाद शव को रातभर में गाड़ी में घुमाते रहे और सुबह करीब चार बजे फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ पर फेंक कर फरार हो गए। योजना के तहत ही बिजेंद्र के कहने पर प्रीति ने रामगोपाल का 12 लाख रुपए का जीवन बीमा करवाया, ताकि उसकी हत्या के बाद दोनों ऐसो आराम की जिंदगी जी सकें।

गोपाल की हत्या के सबूत मिटाने के लिए उसकी मौत को सड़क दुर्घटना का रूप दिया, ताकि बीमा राशि के करीब 24 लाख रुपए हड़प सके। आरोपी बिजेंद्र ऑटो चलाता था और मृतक की पत्नी प्रीति ऑटो में सवार होकर आई तो उनकी आपस में दोस्ती हो गई और प्रेम परवान चढ़ गया।

जिसके बाद दोनों का मिलना-जुलना व फोन पर संपर्क शुरू हो गया। जिसको लेकर मृतक रामगोपाल व उसके परिजनों ने आरोपी का घर आना-जाना बंद कर दिया था। जिसके बाद प्रीति ने बिजेंद्र के साथ राम गोपाल को रास्ते हटाने का प्लान शुरू कर दिया।