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Gangster Ajay Gurjar Arrest- अंडरवर्ल्ड गैंगस्‍टर अजय गुर्जर गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से बना गैंगस्टर, देखिये पूरी हिस्ट्री
 
Gangster Ajay Gurjar Arrest- दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Delhi Police Special Cell) ने गैंगस्टर और अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी को गिरफ्तार किया है. इस गैंगस्‍टर का अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के चार बड़े साथियों के साथ बेहद मजबूत कनेक्शन रहा है. दरसअल स्पेशल सेल की टीम ने अजय गुर्जर उर्फ भाईजी (Ajay Gurjar) नाम के गैंगस्टर को गिरफ्तार किया है.

वहीं, दिल्‍ली पुलिस के स्पेशल सेल के डीसीपी जसमीत सिंह के मुताबिक, गैंगस्टर अजय गुर्जर का अंडरवर्ल्ड से काफी करीबी रिश्ता रहा है. वह अंडरवर्ल्ड के चार गैंगस्टर हाफिज बलोच, इकबाल इब्राहिम कासकर (Iqbal Ibrahim Kaskar), सुभाष ठाकुर और आरिफ जान के बेहद करीबी रहा है. दिल्ली पुलिस द्वारा करीब 24 मामलों की पड़ताल के दौरान अजय गुर्जर का कनेक्शन मुंबई अंडरवर्ल्ड से जुड़े होने के काफी पुख्ता सबूत मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया है.

यही नहीं, हत्या, जबरन वसूली, हमला समेत 24 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल गुर्जर की दिल्‍ली पुलिस के साथ यूपी, राजस्थान, मुंबई और हरियाणा पुलिस तलाश कर रही थी. पुलिस ने उसके पास से 5 जिंदा कारतूस के साथ एक सेमी ऑटोमेटिक पिस्तौल बरामद की है.

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अजय गुर्जर पर दर्ज हैं कई मामले
दिल्‍ली पुलिस के मुताबिक, अजय गुर्जर की हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध उगाही, धमकी देने समेत 24 से अधिक आपराधिक मामलों के आरोप में तलाश की जा रही थी. उसके खिलाफ यह मामले दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, मुंबई में दर्ज हैं.

स्पेशल सेल द्वारा की गई पूछताछ में इस बात की जानकारी प्राप्त हुई है कि उसका पिछले 11 सालों से अंडरवर्ल्ड के उन चारों गैंगस्टर के साथ करीबी संबंध रहा है. अजय गुर्जर उर्फ भाईजी मूल रूप से हरियाणा के पलवल स्थित तुमसरा गांव का रहने वाला है. इसे स्पेशल सेल की टीम ने दिल्ली के बदरपुर इलाके के मथुरा रोड से गिरफ्तार किया है

अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी से लेकर अपराध की गलियारों में कदम
दिल्‍ली पुलिस के स्पेशल सेल के डीसीपी जसमीत सिंह और एसीपी अत्तर सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर शिव कुमार, इंस्पेक्टर जितेंद्र की टीम ने इसे गिरफ्तार किया है. जसमीत सिंह के मुताबिक, गैंगस्टर अजय गुर्जर कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर का ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट का खिलाड़ी रह चुका है.

यही नहीं, आरोपी ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट खेल में राष्ट्रीय स्तर पर 8 गोल्ड मेडल जीत चुका है. साल 2003 में भूटान देश में हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल में सिल्वर मेडल से सम्मानित हुआ था. इसके साथ ही साल 2005 में मुंबई में हुए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिता में भी बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए 5वीं रैंक पाकर काफी नाम कमाया किया था, लेकिन उसके कुछ सालों के बाद धीरे-धीरे गुनाहों की दुनिया में इसने पैर रखना शुरू कर दिया.

कैसे अजय गुर्जर आया स्पेशल सेल के राडार पर
पिछले साल 2021 में अगस्त महीने में एक ऑडियो कॉल वायरल हुआ था, जिसमें दिल्ली के जेल में कैद सतेंद्र उर्फ सत्ते अजय गुर्जर से बातचीत कर रहा था. इस दौरान वह गुर्जर को AK-47 हथियार की व्यवस्था करवाने का निर्देश दे रहा था, जिससे अपने विरोधी गैंग की हत्या की जा सके.

इसके साथ ही तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या के लिए भी निर्देश दिया जा रहा था, ताकि अंकित गुर्जर ( Ankit Gujjar) की तिहाड़ जेल में हुई हत्या का बदला लिया जा सके. बता दें कि पिछले साल 4 अगस्त को अंकित गुर्जर की तिहाड़ जेल में पिटाई करके हत्या कर दी गई थी, जिसका आरोप कई पुलिसकर्मियों पर लगा था. इसी वजह से जेल में कैद सतेंद्र उर्फ सत्ते अजय गुर्जर को भड़काने के बाद पुलिस अधिकारियों की हत्या की सुपारी भी दे चुका था.

आपराधिक दुनिया में ऐसे हुई थी अजय गुर्जर की एंट्री
गैंगस्‍टर अजय गुर्जर पर 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. अजय गुर्जर ने करण सिंह दलाल के भतीजे और शिवचरण लाल शर्मा, दोनों हरियाणा के पूर्व मंत्री और एक चंडी राम गुप्ता, पलवल में क्षेत्र के पार्षद पर वर्ष 2012 में जबरन वसूली के लिए गोलियां चलाई थीं. अजय को अंततः वर्ष 2018 में गिरफ्तार किया गया था. अजय गुर्जर करीब 10 महीने पहले जेल से छूट कर आया था.

वहीं, अजय गुर्जर ने खुलासा किया है कि सुभाष ठाकुर ने 2018 में गिरफ्तारी से पहले पलवल इलाके में बढ़ते रियल एस्टेट कारोबार में अपना पैसा निवेश करने के लिए भी कहा था. जबकि उसका दिल्‍ली, हरियाणा के साथ मुंबई, राजस्थान और यूपी में काफी बड़ा नेटवर्क फैला हुआ था. जबकि गिरफ्तार आरोपी अजय गुर्जर दिल्ली में स्पेशल सेल के एक मामले में फिलहाल वांछित था और 4 महीने से फरार चल रहा था.

इस मामले में अजय गुर्जर के सहयोगी सतेंद्र उर्फ सत्ते को पहले अगस्त 2021 में स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए अजय गुर्जर अंडरग्राउंड हो गया था. यही नहीं, ट्रायल कोर्ट ने उपरोक्त मामले में अजय गुर्जर के खिलाफ 82 सीआरपीसी के तहत एनबीडब्ल्यू जारी किया हुआ था.

साल 2004 में सबसे पहला क्राइम अजय गुर्जर ने एक व्यक्ति को चाकू मार कर शुरू किया था. इसके बाद जेल से बाहर आने पर वह अपराध की दुनिया में उतर गया और इलाके के अच्छे लोगों से रंगदारी मांगने लगा. फिलहाल वह दिल्ली-एनसीआर का बेहद खूंखार और दुर्दांत अपराधी है. वहीं, 2008 में अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने वाले अजय गुर्जर के चचेरे भाई जेपी गुर्जर ने उसे मुंबई के एक खूंखार गैंगस्टर हाफिज बलूच के पास भेज दिया था.

गौरतलब है कि हाफिज बलूच ने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 2008 में जुबैर पटेल उर्फ ​​कात्या डॉन की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस हत्या के बाद हाफिज बलूच मुंबई से पलवल आया और अजय गुर्जर और उसके चचेरे भाई जेपी गुर्जर के घर में छुपा था. वहीं, दिल्‍ली-एनसीआर में जबरन वसूली की कई वारदात को अंजाम देने के बाद अजय गुर्जर वापस मुंबई चला गया और हाफिज बलूच के घर में रहने लगा.

दिल्‍ली पुलिस के मुताबिक, अजय गुर्जर हाफिज बलूच और अंडरवर्ल्ड के अन्य गैंगस्टरों की शानदार जीवनशैली से काफी प्रभावित था. इसी वजह से अजय गुर्जर के मुंबई में चार कुख्यात अंडरवर्ल्ड गैंगस्टरों हाफिज बलूच, इकबाल इब्राहिम कास्कर, सुभाष ठाकुर और आरिफ जान (छोटा शकील के बहनोई) के साथ मजबूत अंडरवर्ल्ड संबंध बन गए. वहीं, अजय गुर्जर को हाफिज बलूच द्वारा भाईजी कोड नाम दिया गया था.